आइये जानते है ब्राह्मी से होने वाले शानदार फायदों के बारे में | Benefits of Brahmi

Benefits of Bacopa monnieri

हम सब जानते है की प्रकृति ने आयुर्वेद में हर तरह की बिमारी का इलाज रखा है। प्राकृतिक औषद्धियो के उपयोग से आयुर्वेद ने कई तरह की गंभीर बीमारियों को जड़ से खत्म करने में सफलता पायी है। इन्ही औषद्धियो में से एक औषद्धि है "ब्राह्मी"।

ब्राह्मी को "ब्रेन बूस्टर" के नाम से भी जाना जाता है। यह गीली मिट्टी में उगती है। इसमें पर्पल और सफ़ेद रंग के छोटे छोटे फूल भी उगते है, जिनमें लगभग पांच पंखुड़ियां होती हैं।

फूलों सहित यह पौधा फायदेमंद औषधि के रूप में प्रयोग में लाया जाता है। "ब्राह्मी" याद्दाश्त बढ़ाने का बेहतरीन स्रोत है। यह दिमाग के तीनों पहलुओं शॉर्ट टर्म मेमोरी, लांग टर्म मेमोरी और याद्दाश्त को बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभाती है।

खून को साफ करती है ब्राह्मी :-

ब्राह्मी दिमाग की मजबूती के लिए जानी जाती है। इसके कई फायदे हैं। ब्राह्मी बुद्धिवर्धक, पित्तनाशक, मजबूत याददाश्त, ठंडक देने के साथ शरीर से विषैले पदार्थों को बाहर निकालती हैं। हृदय की दुर्बलता में प्रयोग करते हैं। इसे शरबत, अवलेह व चूर्ण के रूप में प्रयोग किया जाता है।

तनाव :-

4 ग्राम ब्राह्मी, 4 ग्राम शंखपुष्पी, 5 ग्राम बादामगिरी, 3 ग्राम इलायची के दाने, 5 ग्राम खसखस पीस लें। इससे ठंडाई की तरह पीने से राहत मिलती है।

बेचैनी :-

4 ग्राम ब्राह्मी, 2 ग्राम कूठ के चूर्ण को 8 ग्राम शहद में लें। बेचैनी ,उदासी में आराम मिलता है।

याददाश्त :-

5 ग्राम ब्राह्मी और 8-10 काली मिर्च के दानों को पानी में पीसकर पीने से फायदा होता है।

अनिद्रा :-

ब्राह्मी के 4 ग्रा. चूर्ण को आधा किलो दूध में उबालकर छानलें। ठंडा कर पीने से अनिद्रा में लाभ होगा ।

आज हम ब्राह्मी के कई अन्य फायदों के बारे में आपको बताने जा रहे हैं। :-

1. ब्राह्मी कोर्टिसोल के स्तर को कम करने के लिए जानी जाती है, जो कि एक स्ट्रेस हार्मोन है। इसका प्रयोग तनाव और चिंता को कम करने के लिए किया जाता है। यह तनाव के प्रभावों को खत्म करने का काम करता है।

2. ब्राह्मी में एमिलॉइड यौगिक के पाए जाने की वजह से यह अल्जाइमर्स की बीमारी में काफी फायदेमंद होता है। इसके अलावा यह अल्जाइमर की वजह से दिमाग को होने वाले नुकसान से बचाने में मदद करता है।

3. ब्राह्मी के नियमित सेवन से पाचन संबंधी दिक्कतें भी दूर होती हैं, तथा पाचन तंत्र काफी मजबूत हो जाता है।

4. शरीर में ब्लड शुगर लेवल को सही तरीके से रेगुलेट करने में भी ब्राह्मी अहम योगदान देता है। इसके साथ ही साथ यह हाइपोग्लिसीमिया के लक्षणों से भी आराम दिलाने में सहायक है।

5. नींद न आना, कब्जियत और धातु क्षय को रोकने में बेहद मददगार है।

सावधानियां :-

- ब्राम्ही के सेवन में कुछ विशेष बातों का ध्यान रखना जरूरी है। इसमें खटाई का परहेज आवश्यक है और दिमागी थकान वाले कार्य नहीं करने चाहिए।

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