मसूड़ो की नियमित मालिश से दांत रहेंगे मजबूत | दांतों में होने वाली परेशानियों का रामबाण उपचार

कैसे बचाव हो दांतों की समस्याओं से

दांतों का सफेद होना और मसूड़ों को मजबूत होना स्वस्थ दाँतो की निशानी है। आपके दांतो का स्वस्थ होना आपके स्वास्थ के लिए लाभदायक है। लेकिन आपके दांत और मसूड़े अगर कमजोर है तो आपको कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। दांतों और मसूड़ों के कमजोर होने के कारण खाने पीने में अक्सर कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। हालांकि दांतों और मसूड़ों को स्वस्थ रखने के लिए ब्रश करना ही काफी नहीं है बल्कि इन्हें खास देखभाल की जरूरत पड़ती है।

खानपान की गलत आदतों से मुंह में पनपे बैक्टीरिया की रोजाना सही तरीके से सफाई ना हो तो दांतों में सड़न, सांस की बदबू और ओरल कैंसर जैसी घातक बीमारियां होने की आशंका बढ़ती है।

मसूड़ों में किसी तरह की परेशानी होने पर दांतों को नुकसान होता है। इससे दांत हिलने लगते हैं जबकि खून और सूजन रहने की वजह से संक्रमण बढ़ता है और मुंह से बदबू भी आती है। व्यक्ति अपने मसूड़ों, मूंह और दांतो का खास ख्याल रखें तो कैवीटी, दांतो का हिलना, पीलापन से बच सकता है। दिन में दो बार ब्रश और सप्ताह में दो बार मसूड़ों की सरसों के तेल व नमक की मालिश कर इन्हे स्वस्थ रखा जा सकता है।

इस लिए दांतो में होती है कैविटी की शिकायत :-

Hwo to Taking Care of Your Teeth दांतों की सुरक्षा  व  देखभाल  कैसे करें

अक्सर नवजात के मसूड़ों और दांतों की सफाई को लेकर माता-पिता गंभीर नहीं होते हैं। ऐसे बच्चों में दांत संबंधी बीमारियां होने की ज्यादा आशंका रहती है। जब नवजात के दांत नहीं होते हैं तो उनके मसूड़ों को साफ करना चाहिए ताकि वे ओरल कैविटी से बच सकें।

खाने के 2 घंटे बाद मुंह से क्यों आती है बदबू :-

मुंह की दुर्गंध दूर करने के  उपाय muh ki durgandh se chutkara paye

अक्सर लोग रात में खाना खाने के बाद ब्रश नहीं करते से जिससे खाना दातों में फंसा रह जाता है। खाने के 2 घंटे बाद दातों में फंसा खाना सलाइवा के साथ मिलकर सड़ने लगता है। इससे मुंह से दुर्गंध आती है और ऐसा लगातार होने से मुंह में संक्रमण फैलता है। अक्सर मुंह में छाले होने का भी यही कारण होता है।

ऐसे करें दांतों की सफाई और मसूड़े बनाये स्वस्थ :-

Hwo to Taking Care of Your Teeth दांतों की सुरक्षा  व  देखभाल  कैसे करें

दांत खराब हो जाएं या कीड़े लग जाए तो डेंटल प्रोसीजर होता है। दांतो की सफाई के लिए स्केलिंग करते हैं। यदि दांत खराब हो गए हैं तो इंप्लांट या फ्लैप सर्जरी करते हैं। फ्लैप सर्जरी मसूड़ों की होती है जिससे मसूड़े के रूट तक जाकर हिल रहे या गिरने वाले दांतो को बचाया जाता है। इसके अलावा दांतों के बीच हुई गैपिंग को भी ब्रेसेस लगाकर ठीक किया जाता है लेकिन यह लंबी प्रक्रिया होती है। दांतों को मजबूत बनाने के लिए विटामिन-सी और कैल्शियम भी दिया जाता है।

नीम-बबूल की दातुन करें :-

Neem Datoon Karne Ke Fayde in Hindi

नीम, बबूल की दातुन करें। ये एंटीबैक्टीरियल होते हैं। पानी में फिटकरी डाल कर उसे गुनगुना कर के कुल्ला करने से मसूड़े स्वस्थ रहेंगे। अखरोट के पेड़ की छाल से बने पाउडर से नियमित ब्रश करने से दांतों का पीलापन दूर होता है। यदि दांतों में दर्द है तो लौंग का तेल लगाने से आराम मिलेगा।

तंबाकू और गुटखे का सेवन न करे :-

जो लोग तंबाकू, पान मसाला या गुटखा खाते हैं, उनको ये आदत छोड़नी होगी। इसमें मिलने वाले केमिकल दांतो व मसूड़ों को कमजोर करते हैं तथा इस वजह से दांतों में दर्द, मुंह में छाले और दुर्गंध रहती है। इन समस्याओं में नमक और सरसों के तेल की मालिश से काफी फायदा मिलता है।

FOLLOW @Easymyhealth