थाइरॉइड जैसी गंभीर बीमारियों से बचाते है ये योग...

What is benefits of yoga योगा करने के फायदे और नुकसान

शरीर के आंतरिक और बाहरी हिस्से को स्वस्थ बनाये रखने के लिए योग बहूत जरूरी है और जब तक हमारा शरीर स्वस्थ नहीं होगा तब तक हम कोई भी कार्य अच्छे से नहीं कर पाएंगे। योग हमे कई तरह की घातक बीमारियों से बचाता और साथ ही साथ हमारे शरीर को स्वस्थ और मजबूत बनाता है।

आज इस लेख मैं हम आपको बताएंगे कुछ ऐसे योग के बारे में जिन्हे नियमित रूप से करने से आप थाइराइड जैसी घातक बिमारी से बच सकते है

आयुर्वेद में कुछ ऐसे योगासन है जो थायरॉयड की समस्या से आराम दिलाने में कारगर है। इनको सही तरीके से करना जरूरी है। इन आसनों के अभ्यास से गले में रक्त संचार बेहतर होता है और थायरॉयड के चारों तरफ ऊर्जा का प्रवाह बढ़ता है। इन आसनों को बिना शिक्षक की सलाह व योग विशेषज्ञ की निगरानी के नहीं करें। इससे दिक्कतें हो सकती है।

उज्जायी प्राणायाम के फायदे :-

What is benefits of Dhanurasana yoga

सुखासन मुद्रा में बैठ जाएं। गर्दन सीधी रखकर सांस भरें। सांस लेते समय सीना फुलाएं । इसके बाद चेहरे को नीचे झुकाकर ठूड्डी को गले से लगाने पर जालंधर बंध कि स्थिति में लाकर जब तक आसानी से सांस रोक सकते हैं रोकें। फिर दाहिनी अंगूठे से दाईं नासिका बंद करें। इसके बाद बांई नासिका से सांस छोडे l फिर दाई नासिका बंद किए बिना दोनों नासिकाओं से भी सांस छोड़ सकते हैं।

धनुरासन के फायदे :-

What is benefits of Dhanurasana yoga

जमीन पर पेट के बल लेट कर सांस छोड़ते हुए घुटनों को मोड़ें। दोनों हाथों से टखनों को कसकर पकड़ें। सांस लेते हुए सिर, छाती व जाघ को ऊपर उठाने की कोशिश करें। ऐसे में टांगों के बीच दूरी बड़ेगी, जिसे इस अवस्था में पहुंचने के बाद थोड़ा कम करने का प्रयास करें। करीब 1 मिनट इसी मुद्रा में रहते हुए आराम से सांस ले और छोडे फिर गहरी सांस लेते हुए मूल स्थिति में आ जाएं।

हलासन के फायदे :-

 What is benefits of Halasana yoga

पहले पीठ के बल सीधा लेट जाएं। हाथों को शरीर से सटाकर सीधा रखें। पैरों को धीरे-धीरे ऊपर की ओर उठाते हुए पीछे की ओर ले जाएं। इसके बाद पैरों की अंगुलियों को जमीन से स्पर्श करने की कोशिश करें। इस अवस्था में हाथ बिल्कुल सीधा रहना चाहिए। शरीर का संतुलन बिगड़ने से गर्दन मुड़ सकती है। करीब 1 मिनट तक इस अवस्था में रहते हुए धीरे-धीरे सामान्य अवस्था में आ जाएं।

सर्वांगासन के फायदे :-

What is benefits of Sarvangasana yoga

पीठ के बल लेटकर हाथों को शरीर से सटाकर रखें। फिर पैरों को धीरे-धीरे ऊपर उठाते हुए पीछे ले जाएं। कूल्हे व कमर को उपर की ओर उठाएं। कोहनियों को जमीन पर टिकाते हुए हाथों से सहारा देकर पीठ, पैरों व घुटनो को सीधा ऊपर की ओर लें जाएं। घुटने मिली होने चाहिए। शरीर का भार कंधों, सिरव कोहनियों पर होता है। इस आशना में 1-2 मिनट रहें। गहरी सांस लें। इसके बाद सामान्य अवस्था में वापस आ जाएं।

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